वीर अमर शहीद प्रदीप सिंह रावत की आठवीं पुण्यतिथि के अवसर पर आज भरत मंदिर स्थित परशुराम हॉल ऋषिकेश में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ऋषिकेश विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल व विशिष्ट अतिथि नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शम्भू पासवान सहित अन्य लोगों ने अमर शहीद प्रदीप सिंह रावत के स्मारक पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शत-शत नमन किया। इस अवसर पर स्मृति मंच द्वारा अंतरविद्यालय देशभक्ति गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर देशभक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दीं। प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल व मेयर शम्भू पासवान ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। इस मौके पर डॉ. अग्रवाल ने कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले वीर शहीद प्रदीप रावत जैसे अमर सपूत सदैव राष्ट्र की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत रहेंगे। शहीदों का त्याग और बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि देशभक्ति केवल भावना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की प्रेरणा भी है। ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम और देश के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करते हैं।
महापौर शम्भू पासवान ने शहीद के बलिदान को चिरस्थायी बनाने तथा युवा पीढ़ी को उनके अदम्य साहस, शौर्य और देशभक्ति से प्रेरणा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि स्मृति द्वार तथा अपर गंगा नगर का नाम अमर शहीद प्रदीप सिंह रावत के नाम पर रखने की घोषणा की। ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके महान बलिदान को सदैव स्मरण करती रहें। कहा कि देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिक राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। शहीद प्रदीप सिंह रावत का त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। इस अवसर पर शहीद प्रदीप रावत के पिता कुंवर सिंह रावत, पत्नी श्रीमती नीलम रावत, कार्यक्रम अध्यक्ष कर्नल बलवीर सिंह कपसूड़ी, यमुना प्रसाद त्रिपाठी (प्रधानाचार्य, भरत मंदिर), वीरेंद्र रमोला (पार्षद एवं पूर्व सैनिक), गजेंद्र राणा (पूर्व सैनिक), संजय ध्यानी, वीर सिंह रावत, रंजन अंथवाल, बृजमोहन मनोरी, मनोज थापा, गुणानंद भट्ट, डॉ. सुनील थपलियाल, बृजपाल राणा सहित अन्य लोग मौजूद थे।