परिवार और समाज को बचाने में महिलाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। यदि महिला अपने घर और मोहल्ले में जागरूकता फैलाए तो नशे जैसी बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है। यह कहना था राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कांडवाल का।महिलाओं की इस क्षमता को देखते हुए
नशा मुक्त समाज बनाने की दिशा में ऋषिकेश पुलिस और उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की पहल पर आईडीपीएल चौकी परिसर में मीरानगर, 20 बीघा और आसपास के क्षेत्रों की महिलाओं की बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय क्षेत्र में बढ़ रही शराब और नशे की समस्या थी।
बैठक में मीरानगर महिला मंगल दल का औपचारिक गठन कर महामंत्री की जिम्मेदारी श्रीमती शशि राणा को सौंपी गई। दल का मुख्य कार्य क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और सूखे नशे से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखना, सूचना तुरंत पुलिस को देना और लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना है।
प्रभारी निरीक्षक ऋषिकेश नवीन जोशी ने महिला मंगल दल की सदस्याओं से “पुलिस मित्र” बनकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कहीं भी संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत सूचना दें ताकि दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो सके। बैठक के अंत में सभी महिलाओं ने नशा मुक्त उत्तराखंड बनाने का संकल्प लिया। पुलिस और महिला आयोग को उम्मीद है कि यह दल क्षेत्र में जागरूकता की नई लहर लाएगा। बैठक में उपाध्यक्ष श्रीमती सुंदरी कंडवाल, सदस्य श्रीमती माया घाले, श्रीमती बीना और चौकी प्रभारी आईडीपीएल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थी।