ऋषिकेश। एसएसपी देहरादून के निर्देशन में ऋषिकेश पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने महज 10 दिनों के भीतर खुलासा करते हुए आंध्र प्रदेश के एक शातिर अंतर्राज्यीय चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, तीन फर्जी आधार कार्ड तथा चोरी में प्रयुक्त उपकरण बरामद किए गए हैं।
जानकारी के अनुसार 20 जुलाई को रविंद्र तिवारी ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर देकर बताया था कि एम्स आवासीय परिसर के फ्लैट संख्या-60302 का ताला तोड़कर अज्ञात चोर सोने-चांदी के जेवर और 60 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गया। शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज कर एसएसपी देहरादून ने प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया।
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार की गई सुरागरसी के बाद 31 जुलाई की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड के पास से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान मंडलपु शिवा अंजनेयुलू (43) पुत्र मंडलपु कोटेश्वर राव निवासी एडलापाडु, जनपद गुंटूर, आंध्र प्रदेश के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके बैग से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, तीन फर्जी आधार कार्ड और पेचकस बरामद हुआ।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गंगा स्नान के बहाने हरिद्वार-ऋषिकेश आया था। इसी दौरान उसने एम्स परिसर की रैकी कर बंद पड़े फ्लैट को निशाना बनाया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि 27 जुलाई को उसने गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी प्रकार चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। सत्यापन में राजकोट के थाना प्रद्युम्ननगर में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज होना पाया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अस्पताल परिसरों में बीमारी का बहाना बनाकर घूमता था और बंद घरों की पहचान कर चोरी करता था। पुलिस से बचने के लिए वह अलग-अलग नामों के फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर होटलों और धर्मशालाओं में ठहरता था। आरोपी पूर्व में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर में चोरी के मामलों में जेल भी जा चुका है। पुलिस अन्य राज्यों में उसके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक यशपाल सिंह बिष्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक नवीन जोशी, चौकी प्रभारी एम्स उपनिरीक्षक देवेंद्र सिंह पंवार, हेड कांस्टेबल संदीप राठी, विपिन सैनी (एसओजी देहात), कांस्टेबल बृजेश कुमार, विनीत कुमार, मनोज, नवनीत और सोनी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।