श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), पं. ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश द्वारा आज “Elevating Standards: A Sensitisation Workshop on NAAC Frameworks” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय में गुणवत्ता संस्कृति को मजबूत करना और राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के मानकों एवं प्रक्रियाओं के प्रति शिक्षकों को जागरूक करना था।इस अवसर पर कुलपति प्रो. महाजन ने कहा कि NAAC केवल मूल्यांकन का साधन नहीं है, बल्कि यह संस्थागत गुणवत्ता, नवाचार, पारदर्शिता और सतत सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने सभी NAAC मापदंड संयोजकों और परिसर के प्राध्यापकों से गुणवत्ता उन्मुख कार्यसंस्कृति अपनाने तथा विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता की नई ऊँचाइयों तक ले जाने का आह्वान किया।
कार्यशाला के दौरान कुलपति ने सभी क्राइटेरिया संयोजकों के साथ विस्तृत चर्चा की और प्रत्येक मानक से जुड़े कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने प्रभावी दस्तावेज़ीकरण, नवाचार, श्रेष्ठ प्रथाओं के संकलन और साक्ष्य-आधारित कार्यप्रणाली को और सुदृढ़ बनाने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कुलपति ने सभी से निर्धारित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर बेहतर समन्वय के साथ आगामी NAAC प्रत्यायन में उत्कृष्ट प्रदर्शन सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
कार्यक्रम संयोजक एवं IQAC निदेशक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा ने कहा कि उच्च शिक्षा में गुणवत्ता निरंतर सुधार की प्रक्रिया है। उन्होंने शिक्षण, शोध, छात्र-केंद्रित गतिविधियों और सामाजिक उत्तरदायित्व के सभी आयामों में गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर दिया। इस अवसर पर IQAC उप-निदेशक डॉ. आर के जोशी सहित विश्वविद्यालय परिसर के अनेक प्रोफेसर और अधिकारी उपस्थित थे।