ऋषिकेश पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली के चलते घर से नाराज होकर निकली एक नाबालिग बालिका को सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। बालिका के सकुशल मिलने से परिजनों ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम का आभार जताया।
पुलिस के अनुसार, 31 अगस्त 2026 को नाबालिग बालिका त्रिवेणी घाट, ऋषिकेश में अकेली घूमती हुई मिली। बालिका को वहां मौजूद चीता पुलिस कर्मियों ने तत्काल सुरक्षा की दृष्टि से थाने पहुंचाया। पुलिस ने बालिका से संवेदनशीलता के साथ आवश्यक पूछताछ की। पूछताछ में बालिका ने अपना व अपने पिता का नाम, घर का पता आदि बताया।
बालिका द्वारा बताए गए पते के आधार पर ऋषिकेश पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क कर एवं आवश्यक जांच पड़ताल,सत्यापन एवं औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बालिका को सकुशल उसके पिता को डांग अस्पताल के निकट, नारायणगढ़, अंबाला, हरियाणा के सुपुर्द कर दिया गया।
उसने बताया कि वह किसी बात से नाराज होकर अपने घर से निकलकर ऋषिकेश आ गई थी।
अपनी बेटी को सकुशल पाकर परिजनों के चेहरे पर राहत साफ दिखाई दी। उन्होंने ऋषिकेश पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की सजगता और संवेदनशीलता के कारण उनकी बेटी सुरक्षित वापस मिल सकी। परिजनों ने पुलिस टीम का आभार व्यक्त किया।
पुलिस की संवेदनशील कार्यशैली बनी भरोसे की मिसाल
इस पूरे घटनाक्रम में ऋषिकेश पुलिस ने केवल अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन ही नहीं किया, बल्कि नाबालिग की सुरक्षा और भावनात्मक स्थिति को ध्यान में रखते हुए संवेदनशीलता का परिचय भी दिया। समय रहते बालिका को सुरक्षित संरक्षण में लेकर परिजनों तक पहुंचाने की कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाती है।
बालिका को सकुशल बरामद करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक निखलेश बिष्ट कांस्टेबल 1368 सोहनकांस्टेबल 189 हिमांशु सम्मिलित थे।