वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वन शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया।
वरिष्ठ वन अधिकारियों, वैज्ञानिकों, आईजीएनएफए के प्रोबेशनर्स एवं सीएएसएफओएस के प्रशिक्षुओं ने पुष्पांजलि अर्पित की।
वन शहीदों के सम्मान में रखा गया दो मिनट का मौन
एफआरआई परिसर स्थित फॉरेस्टर मेमोरियल पर अर्पित किए गए पुष्प
शुक्रवार को वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई), देहरादून के ब्रैंडिस रोड स्थित फॉरेस्टर मेमोरियल में राष्ट्रीय वन शहीद दिवस मनाया गया। यह दिवस उन वन कर्मियों के सम्मान एवं स्मरण में मनाया जाता है, जिन्होंने वनों और वन्यजीवों की सुरक्षा एवं संरक्षण के लिए अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत वन शहीदों के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर की गई। इस दौरान वनों एवं वन्यजीवों की सेवा में उनके साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
इस अवसर पर श्री सुशील कुमार अवस्थी, महानिदेशक वन एवं विशेष सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC); श्रीमती कंचन देवी, महानिदेशक, भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (ICFRE); डॉ. राजेंद्र प्रसाद खजूरिया, निदेशक, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (IGNFA); डॉ. गोविंद सागर भारद्वाज, निदेशक, भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII); डॉ. सुधीर कुमार, निदेशक, वन अनुसंधान संस्थान (FRI) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने फॉरेस्टर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित की।
आईसीएफआरई एवं एफआरआई के वरिष्ठ अधिकारियों और वैज्ञानिकों, आईजीएनएफए के प्रोबेशनर्स तथा केंद्रीय राज्य वन सेवा अकादमी (CASFoS) के प्रशिक्षुओं ने भी फॉरेस्टर मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर वन कर्मियों को श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस वन कर्मियों के समर्पण और प्रतिबद्धता की याद दिलाता है वनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण और सुरक्षा में उनके अमूल्य योगदान को रेखांकित करता है।