पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने बजरंग सेतु का स्थलीय निरीक्षण किया।
गऊ घाट एंव आस्था पथ के निर्माण कार्यों का भी लिया जायजा।
ऋषिकेश। प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने ऋषिकेश तपोवन के निर्माणाधीन बजरंग सेतु का निरीक्षण किया। विभागीय अधिकारियों की टीम के साथ उन्होंने लक्ष्मणझूला पुल के निकट जनसुविधाओं के दृष्टिगत बन रहे 132.30 मीटर स्पान के वैकल्पिक बजरंग सेतु के निर्माण का स्थलीय बारीकी से निरीक्षण किया।
प्रदेश के लोक निर्माण, पर्यटन, सिंचाई, पंचायतीराज, ग्रामीण निर्माण, जलागम, धर्मस्व एवं संस्कृति मंत्री सतपाल महाराज ने शुक्रवार को जनपद टिहरी के विधानसभा क्षेत्र नरेन्द्रनगर के तपोवन क्षेत्र में सन 1929 में निर्मित लक्ष्मणझूला पुल के निकट जनसुविधाओं के दृष्टिगत 68 करोड़ 86 लाख 20 हजार की लागत से बन रहे 132.30 मीटर स्पान के वैकल्पिक बजरंग सेतु के निर्माण का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि इसमें काफी कार्य पूर्ण हो चुका है। सेतु की पेन्टिग का कार्य प्रगति पर है और शीघ्र ही यह पुल बनकर लोगों व पर्यटकों के आवागमन हेतु तैयार हो जाएगा। जिससे स्थानीय लोगों एवं तीर्थयात्रियों को आवागमन में इसका लाभ प्राप्त होगा।
लोक निर्माण मंत्री श्री महाराज ने इस दौरान मुख्यमंत्री घोषणा के अन्तर्गत SASCI 2024-25 मद के अन्तर्गत 1219.93 लाख की लागत से बनने वाले नरेन्द्रनगर विकास खण्ड के तपोवन क्षेत्र में लक्ष्मणझूला के डाउन स्ट्रीम में सच्चाधाम घाट (गऊ घाट) एंव आस्था पथ के निर्माण कार्यों का भी स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 100 मीटर लम्बाई एंव 18 मीटर चौडाई में घाट का निर्माण किया जाना है तथा घाट से लगे आस्था पथ को 300 मीटर लम्बाई एंव 7 मीटर चौडाई में बनाया जाना है। श्रद्वालुओं हेतु चेन्जरूम का निर्माण भी किया जाना है। घाट पर आवागमन हेतु अप्रोच मार्ग एंव अन्य विकास कार्य किये जाने है। घाट एंव आस्था पथ पर बेन्च एंव रेंलिग का कार्य किये जाने का प्राविधान है। घाट एंव आस्था पथ पर विद्युत की समुचित ब्यवस्था हेतु लाईट आदि के कार्य किये जाने है। लोक निर्माण एवं सिंचाई मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वह इस कार्य को गुणवत्ता के साथ समय से पूर्ण करें। इस अवसर पर तपोवन नगर पंचायत अध्यक्ष विनीता बिष्ट, रमेश पुंडीर, जयंत शर्मा, भीम सिंह चौहान, अशोक कंडवाल, गोपाल सिंह, दिनेश भट्ट, विनोद उनियाल, वीरेंद्र गुसाई, विजय बिष्ट, नरेंद्र भंडारी आदि उपस्थित थे।