यौन हिंसाग्रस्त महिलाओं और किशोरियों को त्वरित चिकित्सा, कानूनी और मनोवैज्ञानिक सहायता एक स्थान पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को एम्स ऋषिकेश में ‘वन स्टॉप सेन्टर’ की शुरुआत की गई।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष अध्यक्ष राष्ट्रीय महिला आयोग विजया किशोर राहटकर,उत्तराखंड राज्य महिला आयोग अध्यक्ष श्रीमति कुसुम कंडवाल,कार्यकारी निदेशक एम्स प्रो. मीनू सिंह ने एम्स भवन की तीसरी मंजिल में वन स्टॉप सेंटर का रिबन काटकर उद्घाटन किया। यह केन्द्र अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग वार्ड के सामने बनाया गया है।
राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि महिला एवं बाल विकास मंत्रालय महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर लगाम कसने के लिए देशभर में वन स्टॉप सेन्टर स्थापित करने का अभियान चला रहा है। कहा कि एम्स ऋषिकेश का यह केन्द्र पीड़ितों को समय पर इलाज और कानूनी सहायता प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा।
संस्थान की कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने भरोसा दिलाया कि एम्स में स्थापित वन स्टॉप सेंटर पीड़िताओं को पूरी गोपनीयता और सम्मानजनक माहौल प्रदान करेगा। यहां पीड़ितों को इमरजेंसी मेडिकल देखभाल के साथ मेडिको-लीगल जांच की सुविधा भी प्रदान की जाएगी।
प्रसूति एवं स्त्री रोग की विभागाध्यक्ष प्रो. जया चतुर्वेदी ने कहा कि वन स्टॉप सेन्टर मल्टी-डिसिप्लिनरी मॉडल पर आधारित है। इसके तहत डॉक्टर, काउंसलर और कानूनी सलाहकार एक साथ मिलकर काम करेंगे। इससे पीड़ित महिला को जांच के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा और उसे तुरंत मदद मिल सकेगी।
इस अवसर पर चिकित्सा अधीक्षक प्रो. बी. सत्या श्री, डॉ. लतिका चावला, डॉ. राजलक्ष्मी मुंदरा, फोरेंसिक विभाग के डॉ. दिलीप वैष्णव सहित कई वरिष्ठ डॉक्टर और भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह तड़ियाल मौजूद थे।