श्यामपुर के भल्लाफार्म में आयोजित “श्री राम कथा ज्ञान गंगा” के कथा स्थल का पंडाल परिसर भक्ति और उल्लास से भर गया। आज की कथा भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव को समर्पित रही। जिसे सुनने के लिए विभिन्न स्थानों से श्रद्धालु बड़ी संख्या में उमड़े। व्यास पीठ से कथा वाचक डॉ. शोभाराम उनियाल ने रामजन्म की कथा का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन करते हुए कहा कि किस प्रकार त्रेतायुग में अयोध्या के राजा दशरथ और रानी कौशल्या, कैकेयी व सुमित्रा की गोद को प्रभु ने पावन किया। कथा के प्रसंग में जब मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीरामचंद्र, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न ने जन्म लिया तो पूरे अयोध्या में मंगल ध्वनि गूंज उठी। देवताओं ने पुष्प वर्षा की। चारों भाइयों के जन्म से अयोध्या नगरी दुल्हन की तरह सज गई। जैसे ही कथा वाचक ने “चारु चंद्र की चंचल किरणें, खेल रही हैं अंग-अंग में” का प्रसंग सुनाया, पूरा पंडाल “बोलो सियावर रामचंद्र की जय” के जयकारों से गूंज उठा। इस अवसर पर आचार्यों की कीर्तन मंडली के साथ पंडाल में बैठी महिलाये भगवान श्रीरामचंद्र के मंगल गीत व भजन गाते हुए झूमने लगी। कथा व्यास ने बताया कि श्रीराम का जन्म हमें धर्म की स्थापना के लिए मर्यादा और संयम से जीने केलिए प्रेरित करता है। भगवान राम का जीवन आज भी हम सभी के लिए अनुकरणीय है। कथा श्रवण करने वालों में ब्लॉक प्रमुख डोईवाला गौरव चौधरी, ज्येष्ठ प्रमुख धनवीर बेदवाल, पवन रावत,गजेंद्र खरोला,मुकेश व्यास,गौरव कुकरानी,एपीएस यादव, पूर्व क्षेपंस प्रभाकर पैन्यूली, राकेश व्यास आदि उपस्थित थे।