न्याय विभाग एवं तहसील प्रशासन के संयुक्त तत्वाधान में ऋषिकेश नगर निगम क्षेत्रान्तर्गत आईडीपीएल के सिटी गेट से लेकर वीरभद्र डाकघर तक स्वच्छता अभियान चलाया गया। अपर सिविल जज (जूडी)/सचिव तहसील विधिक सेवा समिति की तान्या मिड्ढा व नगर निगम ऋषिकेश के मेयर शम्भू पासवान ने सफाई अभियान की बागडोर संभाली।
उत्तराखण्ड में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर माननीय उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को स्वच्छता व्यवस्था सम्बन्धी निर्देश जारी किए हैं।जिसके अनुपालन में शनिवार को तहसील और नगर निगम स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाते हुए स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता का संदेश दिया गया। ऋषिकेश मेयर शंभू पासवान ने बताया कि सफाई अभियान के दौरान ही आसपास फैला लगभग साढ़े नौ टन कचरा का उठान भी किया गया। इस अवसर पर नगर निगम ऋषिकेश के नगर आयुक्त विजय नाथ शुक्ल, तहसील दार प्रदीप सिंह नेगी,सहायक नगर आयुक्त चन्द्र कांत भट्ट,नगर निगम ऋषिकेश के स्वच्छता ब्रांड एम्बेसडर पर्यावरण सचेतक डॉ विनोद प्रसाद जुगलान ने विभिन्न स्वच्छता टीमों के साथ अभियान में शामिल होकर भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि स्वच्छता और स्वास्थ्य एक दूसरे के पूरक हैं। यह जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं आम नागरिकों को भी सामूहिक प्रयास करने करना चाहिए।स्वच्छता अभियान में तहसील विधिक सेवा समिति के साथ पैरा लीगल वालंटियर्स
(प्राविधिक स्वयं सेवक) एवं नगर निगम के पर्यावरण मित्रों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। स्वच्छता अभियान में अखिल भंडारी, स्वच्छता निरीक्षक, अमित नेगी, अभिषेक मल्होत्रा, राजन भट्ट, महेश उनियाल, सुभाष सेमवाल, पर्यावरण प्रवेक्षक महेंद्र, राकेश, विभा नामदेव, बिमला नौटियाल, ममता रमोला, मीनाक्षी कपरूवाण सहित सैकड़ों की संख्या में स्वयं सेवक सम्मिलित रहे।