ऋषिकेश क्षेत्र में बीते कुछ समय से अवैध वसूली, ब्लैकमेलिंग और धमकी की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इससे तंग आकर आज स्थानीय नागरिकों और व्यापारी वर्ग ने एकजुट होकर कोतवाली ऋषिकेश पहुंचकर पुलिस को ज्ञापन सौंपा और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र में सक्रिय कुछ व्यक्ति और उनके सहयोगी स्वयं को काफी प्रभावशाली बताकर व्यापारियों पर अनावश्यक दबाव बनाते हैं। यह लोग व्यापारियों से अवैध वसूली करते हैं और मना करने पर ब्लैकमेलिंग व धमकी देकर भय का माहौल पैदा करते हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इन गतिविधियों के कारण आम जनता और व्यापारी वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। कई लोग डर के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं, जिससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
व्यापारियों ने पुलिस से मांग की है कि ऐसे असामाजिक तत्वों की तुरंत पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि ऋषिकेश का शांत और सौहार्दपूर्ण माहौल बना रहे। उनका कहना है कि तीर्थ नगरी ऋषिकेश में पर्यटन और व्यापार दोनों पर इसका बुरा असर पड़ सकता है।
ऋषिकेश कोतवाल यशपाल सिंह बिष्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बताया कि शिकायत में दिए गए सभी बिंदुओं की निष्पक्ष और गहन जांच शुरू कर दी गई है। आरोपों से संबंधित साक्ष्यों का परीक्षण किया जा रहा है। साथ ही जिन लोगों के नाम सामने आए हैं उनकी गतिविधियों और आपराधिक पृष्ठभूमि की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली, धमकी या किसी अन्य आपराधिक गतिविधि में संलिप्तता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध विधि सम्मत कड़ी वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने आमजन से अपील की है कि वह डरे नहीं और इस तरह की किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।