उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में जनगणना कार्य हेतु तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। जिसके बाद प्रगणक व पर्यवेक्षक गण गणना के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह विशेष अभियान राज्य के चार प्रमुख हिमाच्छादित जिलों चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ के अंतर्गत आने वाले कुल 131 हिमाच्छादित गांवों तथा 3 शहरी स्थानीय निकायों (बद्रीनाथ, केदारनाथ एवं गंगोत्री) में संचालित किए जाने वाले इस विशेष अभियान के लिए अब तक कुल 182 प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों (139 प्रगणक और 43 पर्यवेक्षक) को प्रशिक्षित किया गया है
प्रगणक एवं पर्यवेक्षक घर घर जाकर जन गणना के लिए पूरी तरह तैयार है।
भारत की जनगणना के अंतर्गत उत्तराखंड के हिमाच्छादित क्षेत्रों में आगामी जनगणना कार्य के सफल संचालन हेतु व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस विशेष अभियान के लिए अब तक कुल 182 प्रगणक एवं पर्यवेक्षकों (139 प्रगणक और 43 पर्यवेक्षक) को प्रशिक्षित किया गया है। यह विशेष अभियान राज्य के चार प्रमुख हिमाच्छादित जिलों चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग एवं पिथौरागढ़ के अंतर्गत आने वाले कुल 131 हिमाच्छादित गांवों तथा 3 शहरी स्थानीय निकायों (बद्रीनाथ, केदारनाथ एवं गंगोत्री) में संचालित किया जाएगा।
भौगोलिक विस्तार की दृष्टि से, चमोली जिले के 23 हिमाच्छादित गांव एवं बद्रीनाथ नगर पंचायत; रुद्रप्रयाग जिले के 4 गांव एवं केदारनाथ नगर पंचायत; उत्तरकाशी जिले के 69 गांव एवं गंगोत्री नगर पंचायत; तथा पिथौरागढ़ जिले के 35 हिमाच्छादित गांव इस विशेष प्रगणना क्षेत्र के अंतर्गत शामिल हैं। जनगणना कार्य के सुचारु निष्पादन के लिए आयोजित प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को अवधारणाओं, डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संग्रहण, प्रगणना क्षेत्रों की पहचान तथा सूचना की शुद्धता सुनिश्चित करने का गहन प्रशिक्षण दिया गया है।
जिलावार प्रशिक्षण प्राप्त प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों के आंकड़ों के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में सर्वाधिक 87 प्रगणक व 23 पर्यवेक्षक (कुल 110), चमोली में 28 प्रगणक व 10 पर्यवेक्षक (कुल 38), पिथौरागढ़ में 18 प्रगणक व 4 पर्यवेक्षक (कुल 22) तथा रुद्रप्रयाग में 6 प्रगणक व 6 पर्यवेक्षक (कुल 12) पूरी तरह से तैयार हैं। इस डिजिटल प्रक्रिया में नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी दर्ज की जा रही है। 31 अगस्त 2026 तक राज्य के कुल 338 नागरिकों ने स्व-गणना के माध्यम से अपनी प्रविष्टि दर्ज की है। इनमें उत्तरकाशी जिले से सर्वाधिक 277 नागरिकों ने स्व-गणना की है, जबकि चमोली से 29, पिथौरागढ़ से 24 तथा रुद्रप्रयाग से 8 नागरिकों ने इस सुविधा का लाभ उठाया है। प्रशिक्षण के उपरांत प्रगणक व पर्यवेक्षक अब आवंटित प्रगणना क्षेत्रों में घर-घर जाकर डाटा एकत्र करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
स्थानीय परिस्थितियों, दुर्गम इलाकों एवं पहुंच संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए संबंधित जिला प्रशासन एवं स्थानीय निकायों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर विस्तृत कार्ययोजना लागू की गई है। जनगणना संबंधी किसी भी सहायता या जानकारी के लिए नागरिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1855 पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन द्वारा नागरिकों को विशेष रूप से सचेत किया गया है कि जनगणना प्रक्रिया के दौरान किसी भी व्यक्ति द्वारा कोई ओटीपी या वित्तीय जानकारी नहीं मांगी जाएगी। सभी नागरिको से अधिकृत प्रगणकों को सही आंकड़े दर्ज कराने में पूर्ण सहयोग प्रदान करने का आह्वाहन किया गया है।
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