उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग की वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम बोर्ड बैठक आज निदेशालय, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग, देहरादून में अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कंडवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में महिला सुरक्षा, अधिकार संरक्षण, जनजागरूकता और आयोग की कार्यप्रणाली के सुदृढ़ीकरण तथा आगामी वर्ष की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए।
बोर्ड बैठक में प्रमुख निर्णय लिए गए जिसमें 1:- बढ़ते कार्यभार को देखते हुए आयोग में 10 नए पदों के सृजन का प्रस्ताव पारित। 2:- आयोग के सदस्यों के मानदेय में वृद्धि एवं स्वच्छता कर्मी के वेतन वृद्धि का प्रस्ताव पारित किया गया। 3:- प्रदेश के 13 जनपदों के लिए नई कार्ययोजना तैयार किए गए। जनपदवार दायित्व निर्धारण:- ऐश्वर्या रावत को पौड़ी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चन्द्रकला तिवारी को उत्तरकाशी, चमोली, शायरा बानो को ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ व सभी उपाध्यक्ष एवं सदस्यों द्वारा संबंधित जनपदों में नियमित जनसुनवाई, वन स्टॉप सेंटर निरीक्षण, महिला जागरूकता कार्यक्रम और स्थानीय प्रशासन से समन्वय का निर्णय लिया गया। वन स्टॉप सेंटर, नारी निकेतन, महिला हेल्प डेस्क, साइबर अपराध मामलों और विधिक जागरूकता कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
बैठक में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश की अंतिम छोर पर बैठी प्रत्येक महिला तक न्याय पहुँचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मातृशक्ति के सम्मान को राष्ट्रीय विकास का आधार बनाया गया है और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं की सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। आयोग इसी भावना से प्रतिबद्ध है। कहा कि आयोग की कार्यशैली पर महिलाओं का विश्वास बढ़ा है, दूरस्थ पर्वतीय और सीमांत क्षेत्रों से भी महिलाएं आयोग तक पहुँच रही हैं। यह आयोग को न्याय का विश्वसनीय मंच मानने का प्रमाण है। हमारा लक्ष्य केवल शिकायतों का समाधान नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक कर आत्मनिर्भर, आर्थिक, सामाजिक एवं राजनैतिक रूप से सशक्त बनाना है। बैठक में सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत, चन्द्रकला तिवारी, शायरा बानो, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, प्रशासनिक अधिकारी नारायण सिंह तोमर, उप निरीक्षक स्वाति चमोली, आधार वर्मा, वीरेन्द्र रावत, अंजली ध्यानी सहित आयोग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।