ऋषिकेश के चंद्रेश्वर नगर में गुरुवार शाम को 40वाँ विश्वकर्मा पूजन समारोह बड़े ही धूमधाम, हर्षोल्लास एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सुबह से ही पंडाल में भक्तों का तांता लगा रहा। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच देवशिल्पी भगवान विश्वकर्मा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई और क्षेत्र, समाज एवं देश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली के लिए प्रार्थना की गई।
समारोह का मुख्य आकर्षण भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रहा। सांस्कृतिक कार्यक्रम में बिहार की प्रख्यात भजन गायिका सोना सिंह, काव्या कुलमूर्ति व प्रसिद्ध गायक मुकुल ने अपनी सुमधुर वाणी से भक्ति और संस्कृति से ओत-प्रोत गीतों की शानदार प्रस्तुतियां दी। कलाकारों के एक से बढ़कर एक भजनों और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने ऐसा समां बांधा कि वहां मौजूद श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक देर रात तक झूमने-थिरकने पर मजबूर हो गए। पूरा आयोजन स्थल भगवान विश्वकर्मा के जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, ऋषिकेश विधायक व पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ प्रेमचंद अग्रवाल, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम कण्डवाल एवं नगर निगम ऋषिकेश के महापौर शम्भू पासवान ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने सभी को विश्वकर्मा दिवस की शुभारंभ देते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा भारतीय शिल्प, निर्माण एवं तकनीकी परम्परा के जनक और प्रतीक हैं। कहा कि विश्वकर्मा पूजन केवल एक धार्मिक आस्था का पर्व नहीं है, बल्कि यह श्रम, कौशल और सृजन के सम्मान का महापर्व है। भगवान विश्वकर्मा के जीवन और आदर्श हमें सृजन, परिश्रम और कर्म के प्रति समर्पण की प्रेरणा देते हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर हमें मेहनत, लगन और ईमानदारी के साथ राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष लाल बाबू महतो, सुजीत यादव, चन्द्रेश्वर यादव, अनिल कुशवाहा, गगन राम, विक्की शाह, यश कुमार सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता व अन्य लोग मौजूद थे।