3 माह में आवारा पशुओं से मुक्त होगा ऋषिकेश ।


पब्लिक लाइव टुडे।ऋषिकेश

सूरजमणी सिलस्वाल

शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में जगह जगह भटक रहे आवारा पशु लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा बने हुए है।

आए दिन राह चलते लोग व दुपहिया वाहन चालक आवारा पशुओं से टकराकर गंभीर रूप से चोटिल हो रहे है।

आवारा पशुओं के आपसी संघर्ष कई लोगों की जिंदगियां लील चुके है।

प्रशासन से कई बार पीड़ित लोग इन आवारा पशुओं से निजात दिलाने की मांग कर चुके है। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

ऐसे में राज्य पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राज्यमंत्री सुरेन्द्र मोघा की पहल एक आशा की किरण बनाकर उभरी है।

 

ऋषिकेश क्षेत्र के लोगों के लिए मुसीबत का प्रयाय  बने आवारा पशुओं से जल्द मुक्ति मिलने वाली है। उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष राज्य मंत्री सुरेंद मोगा 26 सितंबर को सत्यनारायण मंदिर से 10 वाहनों के साथ विशेष अभियान चलाकर आवारा पशुओं को रेस्क्यू कर पंजीकृत गोसदन ले जाने की शुरुआत करेंगे।

ऋषिकेश क्षेत्र में  आवारा घूमते गोवंश से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यहां  चंद कदमों  के फासले पर आवारा पशुओं का झुंड खड़ा दिखाई देता है। जो आवागमन में राहगीरों व दुपहिया वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का सबब बना रहता है। सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने से आए दिन दुर्घटनाएं होने से राहगीरों के साथ ही वाहन चालक  गंभीर रूप से चोटिल हो जाते  है। गोवंश के आपसी संघर्ष  कई  लोगों  की जंदगिया लील  चुके हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के खेतों की फसलों को आवारा गोवंश चपटकर नुकसान पहुंचा रहे है। ऐसे निराश्रित गोवंश से लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। उत्तराखंड पशु कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष राज्यमंत्री सुरेन्द्र मोघा ने सड़क पर आवारा भटक रहे गोवंश को संरक्षित करने की राज्य सरकार की राजनीति की जानकारी दी। बताया कि तीन से चार माह के भीतर सड़कों पर निराश्रित भटक रहे लगभग एक हजार गौवशों का गौसदनों में संरक्षण किया जाएगा।

ऋषिकेश शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में आवारा भटक रहे लगभग एक हजार निराश्रित गौवशों को तीन से चार माह के भीतर गोसदनों में संरक्षित किया जाएगा। उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मोगा ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में 16890 गोसदन पंजीकृत है।
मंगलवार को नगर निगम कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तराखण्ड पशु कल्याण बोर्ड के उपाध्यक्ष सुरेंद्र मोगा ने कहा कि सड़कों पर आवारा घूम रहे गौवंशौ के संरक्षण को लेकर प्रदेश की धामी सरकार तत्पर है। कहा कि प्रदेश में 16890 गौवंश पंजीकृत है। जिसमें ऋषिकेश शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र है 8 सौ से एक हजार निराश्रित घूम रही है। जनको तीन माह के अंदर संरक्षित किया जाएगा। कहा प्रदेश में 75 पंजीकृत गौसदन निजी भूमि पर संचालित हो रहे है। जिसमें 11 गौसदन नगरनिगम और नगरपालिका की भूमि पर संचालित हैं। बताया कि प्रदेश में 16890 गौवंश पंजीकृत है। जिनके लिए सरकार प्रतिदिन 80 रुपए आर्थिक सहायता देती है। कहा कि इन गौसदनों में इन निराश्रित गौवंशौ को पशुचिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत टैग लगाकर पंजीकृत गौ सदनों में भेजा जाएगा। ताकि टैग़ लगे गोवंश को गौसदन वाले फिर से सड़कों पर न छोड़ सकें। कहा कि इन गौसदनों के लिए सरकार ने 21,44,73,48000 का बजट अवमुक्त कर दिया है। कहा कि दो-तीन दिनों के भीतर इस अभियान की शुरुआत कर दी जाएगी। कहा कि रायवाला में 40 बीघा में बनी गौसदन हमें जल्द मिलने वाली है। जिसका लाभ यहां की निराश्रित गौवंशौ को मिलेगा। गुमानीवाला में स्थित कांजी हाउस का मामला अभी कार्ट में विचाराधीन है इसलिए उस कांजी हाउस में हम गौवंशौ को शिफ्ट नहीं कर सकते हैं।
बताया कि 26 सितंबर को 10 वाहनों के साथ सत्यनारायण मंदिर में अभियान प्रारंभ होगा।
इस अवसर पर मनोज ध्यानी, नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल नगर पार्षद राजेश कोठियाल,वीरेंद्र रमोला आदि उपस्थित थे।

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