श्यामपुर लक्कड़घाट विस्थापित क्षेत्र में आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन ने 93 यूनिट रक्त एकत्रित किया।
मानवता की सेवा ही सच्ची भक्ति है, इसी भावना को चरितार्थ करते हुए संत निरंकारी चैरिटेबल फाउंडेशन द्वारा आज ऋषिकेश के लक्कड़घाट रोड स्थित बारात घर में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज एवं निरंकारी राजपिता रमित के पावन आशीर्वाद से आयोजित किया गया।
शिविर का शुभारंभ प्रार्थना के साथ हुआ, जिसके बाद सेवादल के भाई-बहनों और स्थानीय श्रद्धालुओं में रक्तदान को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही बारात घर परिसर में रक्तदाताओं की लंबी कतार लगी रही। इस अवसर पर एम्स ऋषिकेश अस्पताल की अनुभवी चिकित्सकों की टीम ने पूरी सावधानी और चिकित्सकीय मानकों के साथ कुल 93 यूनिट रक्त एकत्रित किया, जो जरूरतमंद मरीजों के जीवन की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस अवसर पर संत निरंकारी मंडल के जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि युगदृष्टा बाबा हरदेव सिंह महाराज के अमर और प्रेरणादायी संदेश “रक्त नालियों में नहीं, नाड़ियों में बहे” को स्मरण कराया। कहा कि निरंकारी मिशन का लक्ष्य केवल आध्यात्मिक जागृति ही नहीं, बल्कि मानवता की निःस्वार्थ सेवा भी है। रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है, क्योंकि हमारे द्वारा दिया गया रक्त किसी अनजान व्यक्ति को नया जीवन दे सकता है।